वे युगों से जीवित हैं ...

जब मानव अपनी इच्छाएं पूरी करने और अपने लक्ष्य पाने का प्रयास करते हैं , उन्हें हमेशा कठिनाइयाँ झेलनी पड़ती हैं | वे अक्सर सोचते हैं - "भगवान् ने ऐसा संसार क्यों बनाया है ? मानव अपनी इच्छाएं बिना कठिनाइयों के पूरी क्यों नहीं कर सकते ?" भगवान सीधे उत्तर नहीं देते , वे लीलाएं करके सत्य बताते हैं | ऐसी ही एक लीला उन्होंने सदियों पहले की थी | अयोध्या नामक राज्य के एक राजकुमार श्री राम दक्षिण भारत के जंगलों में अपनी पत्नी सीता की खोज में भटक रहे थे | जंगल में सीता जी का हरण हो गया था | खोज करते करते श्री राम की मुलाकात हनुमान से हुई जिनमे महामानवी शक्तियां थी |

श्री राम जी से मिलने के बाद हनुमान जी को ज्ञात हो गया था कि श्री राम भगवान् के अवतार हैं और मानवता को सन्देश देने के लिए लीलाए कर रहे हैं | हनुमान जी ने अपने आपको श्री राम के चरणों में समर्पित कर दिया और सीता जी की खोजकर वापिस लाने के कार्य का हिस्सा बन गए | बहुत सारी कठिनाइयाँ आई | सीता जी की खोज , रावण की सेना का मुकाबला करने के लिए सेना का निर्माण , लंका पहुँचने के लिए सेतु निर्माण , श्री राम के भाई लक्ष्मण को मृत्यु के मुह से बाहर निकालना -- हनुमान ने सभी कठिनाइयों को दूर कर दिया | इस तरह भगवान् ने लीलाए करके मानवता को सन्देश दिया कि इस संसार में जहाँ कठिनाइयाँ है तो साथ ही कठिनाइयाँ दूर करने वाली शक्ति हनुमान भी हैं | श्री राम ने हनुमान को बताया - "हे हनुमान , आप अंत तक संसार में रहेंगे और हर उस व्यक्ति की कठिनाइयाँ दूर करेंगे जिनकी मुझमे (यानी भगवान् में ) श्रद्धा है | ”

वे हर 41 साल बाद इनसे मिलने आते हैं ...

आप उस परम शक्ति को जिस भी नाम या रूप में मानते हों - राम , कृष्ण , विष्णु या भगवान् - अगर आपकी उनमे पूरी श्रद्धा है तो वे आपकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए श्री हनुमान को अवश्य भेजते हैं | कठिनाइयाँ दो तरह की होती हैं -

  1. सांसारिक इच्छाएं पूरी करते समय आने वाली कठिनाइयाँ
  2. भगवान् से मिलने अर्थात मोक्ष प्राप्ति के मार्ग में आने वाली कठिनाइयाँ |

सांसारिक कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए श्री हनुमान अदृश्य शक्ति के रूप में आते हैं | लेकिन मोक्ष प्राप्ति के मार्ग में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए श्री हनुमान साक्षात् दृश्य रूप में आते हैं |

श्री लंका में कुछ कबीलाई लोग हैं जिन्हें मातंग कहा जाता है , वे भगवान् से मिलने और मोक्ष प्राप्त करने के अलावा कोई इच्छा नहीं रखते | हनुमान मोक्ष प्राप्त करने में आने वाली उनकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए भी आते हैं, अंतर इतना है कि मातंग हनुमान जी को अपनी आँखों से देख सकते हैं और उनसे बाते कर सकते हैं | हनुमान जी उनसे मिलने हर 41 साल बाद एक मेहमान की भांति आते हैं , हाल ही में वे 2014 में आये थे | वे मातंगो के जीवन में कुछ ऐसी स्थितियां उत्पन्न करते हैं जिससे कि उनके मस्तिष्क और आत्मा के अवरोध दूर होते हैं और वे मोक्ष की ओर अग्रसर होते हैं | मातंग प्रमुख श्री बाबा मातंग प्रवास के दौरान श्री हनुमान जी द्वारा की गई हर लीला और कहे गए हर शब्द को एक लॉग बुक में शब्दबद्ध करते हैं | यही लॉग बुक मातंगो के नए सदस्यों के लिए अगले 41 साल तक गाइड की भूमिका निभाती है | इस लॉग बुक के अलावा इनके पास श्री हनुमान जी का दिया हुआ एक मंत्र है जिसका जाप वे दैनिक पूजा में करते हैं | इस मंत्र का जाप करने से हनुमान जी इनके सामने साक्षात् दर्शन देकर इनसे वार्तालाप करके इनके मस्तिष्क और आत्मा के अवरोधों को दूर करते हैं |

आप भी उनसे साक्षात् मिल सकते हैं |

सेतु का अर्थ है पुल | ये सेतु है आपके और आपके लक्ष्य के बीच |

सांसारिक लक्ष्य : अगर आप अपनी सांसारिक इच्छाओं को पूरा करने के मार्ग में कठिनाइयाँ झेल रहे हैं तो सेतु आपको आपके भगवान् से बेहतर तरीके से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है | अगर आप अपने भगवान् से जुड़े हैं तो वे हनुमान जी को आपकी कठिनाइयाँ दूर करने के लिए अवश्य भेजते हैं | सेतु के संत उस लॉग बुक का अनुवाद कर रहे हैं जिसमे श्री हनुमान द्वारा हाल ही में (2014 में ) मातांगो के साथ किये गए प्रवास की गतिविधिया शब्दबद्ध हैं | आप इस लॉग बुक के अध्यायों को यहाँ पढ़ सकते हैं और अपने भगवान् के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं |

असांसारिक लक्ष्य : अगर आपकी सभी सांसारिक इच्छाएं पूरी हो चुकी हैं और आपका एकमात्र लक्ष्य अब भगवान् से मिलना और मोक्ष प्राप्त करना है , तो आप पिदुरुथालागला पर्वत (श्री लंका ) की तलहटी पर स्थित सेतु हनुमान बोधि में साधना करने आ सकते हैं |

सांसारिक और असांसारिक दोनों लक्ष्य : अगर आप अपने सांसारिक कर्तव्यों का निर्वाह करने के साथ साथ भगवान् से जुड़कर मोक्ष प्राप्ति के मार्ग पर भी अग्रसर होना चाहते हैं तो आप यहाँ पर लगातार प्रकाशित किए जा रहे इन अध्यायों को पढ़े | आपको वह मंत्र भी प्राप्त होगा जिसका जाप करके मातंग हनुमान जी के साक्षात् दर्शन प्राप्त कर सकते हैं | 3 अध्याय पढने के बाद आपको मन्त्र की पहली पंक्ति प्राप्त होगी |

Lord Hanuman is Immortal

इस सेतु मंदिर में अन्दर प्रवेश करकें अध्याय पढ़ने के लिए लॉग इन करें :

इस भाग दौड़ के युग में यह साइन इन करना कुछ भक्तों को अनावश्यक लग सकता है किन्तु हमने इस वेबसाइट को मातांगो के नियमों और रीतियों के अनुसार बनाया है | हनुमान जी के कलियुग के ये शब्द खुले इन्टरनेट पर नहीं रखे जा सकते थे इसलिए हमें यह साइन अप द्वार बनाना पड़ा | लेकिन हमने इसको जितना सरल हो सकता था उतना सरल बनाया है |

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